ऐतिहासिक परिणाम उपयोगी है क्योंकि वह किसी विचार को परखने योग्य बनाता है। उसका मूल्य उसके पीछे के प्रश्न, मान्यताओं और आँकड़ों की गुणवत्ता पर निर्भर करता है।
निर्णय नियम से शुरुआत करें
प्रतिफल के आलेख को देखने से पहले बताएँ कि प्रणाली क्या करने का प्रयास कर रही है। बाज़ार का कौन-सा व्यवहार इस नियम का आधार है? कौन-सा साक्ष्य उस व्याख्या को चुनौती देगा? स्पष्ट परिकल्पना से सुसंगत प्रक्रिया और केवल एक नमूने पर संयोग से फिट बैठी सेटिंग में भेद करना आसान होता है।
प्रयोग को समझने योग्य बनाएँ
समयावधि, वित्तीय साधनों का समूह, आँकड़ों का प्रसंस्करण और लागत संबंधी मान्यताएँ परिणाम को आकार देती हैं। प्रणाली के संस्करण के साथ इन परिस्थितियों का दस्तावेज़ रखने पर परिणामों की तुलना आसान होती है। अकेला प्रमुख आँकड़ा यह संदर्भ नहीं दे सकता।
जाँचें कि व्यवहार कहाँ बदलता है
अलग-अलग अवधियाँ अलग कमज़ोरियाँ उजागर कर सकती हैं। रुझान वाले बाज़ार, लंबे समय तक सीमित दायरे में चलने वाले बाज़ार और अचानक बदलाव एक ही नियम पर बहुत अलग माँगें रख सकते हैं। उद्देश्य इन अंतरों को समझना है, उन पहलुओं सहित जो मूल विचार का समर्थन नहीं करते।
सीमाओं को अगले चरण में साथ ले जाएँ
ऐतिहासिक परीक्षण वास्तविक निष्पादन का हर विवरण दोहरा नहीं सकता। वह अगले प्रयोग का मार्गदर्शन कर सकता है: क्या देखना है, किन मान्यताओं को परखना है और अपेक्षित व्यवहार की वास्तविक व्यवहार से तुलना कैसे करनी है। यह अभियांत्रिकी के लिए अधिक ठोस शुरुआत है।
बैकटेस्ट का उपयोगी परिणाम प्रणाली की बेहतर समझ है, जिसमें उसके विफल होने के कारण भी शामिल हैं।